जाये तो जायें कहां : बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड के प्रदूषण से त्रस्त क्षेत्र के लोग

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रामगढ़, झारखंड : रांची रोड स्थित मरार औद्योगिक क्षेत्र में संचालित बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड के प्रदूषण ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। फैक्ट्री के विस्तारीकरण के बाद से क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोग इसे “जानलेवा” बता रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्री से लगातार जहरीला धुआं निकलता रहता है। हालांकि कागज़ों में फैक्ट्री में प्रदूषण नियंत्रण यंत्र लगे हैं, लेकिन लोगों के अनुसार ये उपकरण अक्सर बंद रहते हैं और केवल विरोध तेज़ होने पर कुछ समय के लिए चलाए जाते हैं।

कुछ माह पहले तत्कालीन उपायुक्त चंदन कुमार की पहल पर फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों की बैठक हुई थी, जिसमें कई दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।

लोगों ने बताया कि पूर्व में कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर रुचि दिखाई थी, लेकिन अब वे भी चुप हैं। मजबूर होकर क्षेत्रवासी फिर से आंदोलन की तैयारी में हैं।

गुरुवार, 16 अक्टूबर को स्थानीय नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल वर्तमान उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज से मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार उपायुक्त ने कहा कि “मेरे पास कोई ठोस कागज़ी सबूत नहीं है। सिर्फ आरोपों के आधार पर मैं कुछ नहीं कर सकता। आप लोग अदालत जाएं, वहीं से फैक्ट्री पर कार्रवाई संभव है।”

उपायुक्त से यह जवाब मिलने के बाद लोग निराश हैं और अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में डा. के.एन. प्रसाद, रानी मिश्रा, रिंकी शर्मा, शशि उपाध्याय और अवध यादव शामिल थे। इस संबंध में जानकारी “Fight Against Pollution of (BFCL)Bihar Foundry” नामक सोशल ग्रुप समूह में साझा की गई है।

क्षेत्रवासी अब शीघ्र ही एक बैठक बुलाकर अदालती कार्रवाई (Court Case) पर अंतिम निर्णय लेने की बात कह रहे हैं।