मोकामा में फिर हिंसक झड़प, दुलारचंद यादव की शवयात्रा में सूरजभान सिंह पर फेंके गए पत्थर

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पटना, बिहार : पहले से तनावग्रस्त मोकामा शुक्रवार को फिर हिंसा की चपेट में आ गया। आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की शवयात्रा के दौरान पंडारक क्षेत्र में अचानक भीड़ उग्र हो गई और हालात बिगड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शवयात्रा में शामिल कुछ लोगों ने बाहुबली नेता सूरजभान सिंह की ओर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

शुक्रवार दोपहर दुलारचंद यादव का पार्थिव शरीर जब मोकामा के मुख्य मार्ग से निकला, तो हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। शुरुआत में माहौल शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ देर बाद नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते दो गुट आमने-सामने आ गए और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। पुलिस ने किसी तरह सूरजभान सिंह और अन्य नेताओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

गौरतलब है कि गुरुवार (30 अक्टूबर) को मोकामा में हुई गोलीबारी में आरजेडी नेता व जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव (76) की हत्या हो गई थी। वे जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ प्रचार में थे, जब दो गुटों में भिड़ंत हुई। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। शुक्रवार सुबह शवयात्रा निकाले जाने के दौरान पंडारक बाजार बंद रहा और लोगों ने ‘अनंत सिंह को फांसी दो’ के नारे लगाए।

इस शवयात्रा में सूरजभान सिंह की पत्नी और आरजेडी प्रत्याशी वीणा सिंह भी ट्रैक्टर पर सवार होकर शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है।”

इस मामले में परिवार की ओर से जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह, उनके भतीजे रणवीर और कर्मवीर सिंह सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

सूत्रों के अनुसार, हत्या से दो दिन पहले दुलारचंद यादव ने एक टीवी इंटरव्यू में अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व सांसद नीलम देवी पर विवादित टिप्पणी की थी, जिससे सियासी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया था।

दुलारचंद यादव का नाम 80 और 90 के दशक में अपहरण, रंगदारी और हत्या जैसे मामलों में चर्चित रहा है। बाद में उन्होंने राजनीति का रुख किया, लेकिन अनंत सिंह के परिवार के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी कभी खत्म नहीं हुई।