उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की की समीक्षा, दिए कई आवश्यक निर्देश

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रामगढ़, झारखंड : जिला समाज कल्याण कार्यालय, रामगढ़ द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक मंगलवार को उपायुक्त  फैज अक अहमद मुमताज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती इन्दु प्रभा खलखो ने पीपीटी  के माध्यम से विभाग की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर पोषण ट्रैकर के सभी इंडिकेटर पर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी लोगों को, जिन्हें जिला प्रशासन की ओर से पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित किया जाए।

उन्होंने नीति आयोग परियोजना पतरातु के सभी संकेतकों में सुधार के लिए सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं को विशेष दिशा-निर्देश दिए। साथ ही सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में लंबित मामलों की स्वीकृति दो दिनों के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि :—

FRS पोर्टल पर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।पतरातु, मांडू और रामगढ़ परियोजना क्षेत्रों में लाभुकों की उपलब्धि दो दिनों में पूरी की जाए।प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया अविलंब पूरी की जाए।सभी सेविकाओं और सहायिकाओं को आयुष्मान भारत कार्ड से आच्छादित किया जाए।मिशन शक्ति के तहत पालना गृह सह क्रेच संचालन हेतु भवनों की पहचान तुरंत की जाए।पोषण वाटिका कार्य मनरेगा अभिसरण से पूर्ण कर प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेजा जाए।पेयजल, शौचालय, विद्युत जैसी आधारभूत संरचनाओं की भौतिक रिपोर्ट दो दिनों में उपलब्ध कराई जाए।आंगनबाड़ी को लोकेशन  रिपोर्ट 06 नवम्बर 2025 तक जमा की जाए।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं गूगल शीट के माध्यम से प्रतिदिन की कार्य योजना दर्ज करें और जिला कार्यालय को सूचित करें।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ ) एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं।