रांची/धनबाद, झारखंड : वासेपुर के कुख्यात अपराधी माने जाने वाले फहीम खान को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि राज्य सरकार छह सप्ताह के भीतर उसे जेल से रिहा करे। यह आदेश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने फहीम द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
फहीम खान वर्तमान में जमशेदपुर स्थित घाघीडीह केंद्रीय कारा में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उस पर वासेपुर के सगीर हसन सिद्दीकी की हत्या का आरोप सिद्ध हुआ था। फहीम ने पिछले वर्ष 29 नवंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए रिमिशन के तहत रिहाई की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने अदालत को बताया कि फहीम 75 वर्ष की आयु पार कर चुका है और बीते 22 वर्षों से जेल में है। इस दौरान वह हृदय एवं गुर्दे की गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहा है। उन्होंने दलील दी कि कानून के तहत उसकी सजा में छूट मिलनी चाहिए।
राज्य सरकार ने इस मामले में गठित रिव्यू बोर्ड की रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी, जिसमें फहीम को “समाज के लिए खतरा” बताते हुए रिहा करने की सिफारिश नहीं की गई थी। हालांकि कोर्ट ने फहीम की ओर से पेश तर्कों को स्वीकार करते हुए रिव्यू बोर्ड की राय से इतर निर्णय लिया और रिहाई का आदेश जारी किया।
फहीम खान का नाम पहली बार 1989 में वासेपुर में हुए सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड में सामने आया था। सत्र अदालत ने 1991 में उसे बरी कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार की अपील पर पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला पलट दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 2011 में हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।
अब हाईकोर्ट के नए निर्णय के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।