चितरपुर में जबरन नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, सांसद से हस्तक्षेप की मांग

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ग्रामीणों ने कहा :  पहले सड़क के बीचोबीच हो रही थी खुदाई, अब दक्षिण दिशा में जबरन कराया जा रहा निर्माण

सांसद मनीष जायसवाल से जनहित में रोक लगवाने की अपील

चितरपुर (रामगढ़), झारखंड :  चितरपुर प्रखंड के घासी टोला से दारूल मोताला तक चल रहे स्लैबयुक्त नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल विभाग द्वारा डीयूएफ योजना के तहत स्वीकृत इस कार्य में संवेदक द्वारा मनमाने तरीके से सड़क के दक्षिण दिशा में जबरन नाली का निर्माण कराया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रारंभ में नाली की खुदाई सड़क के बीचोबीच की जा रही थी, जो जनसुविधा के दृष्टिकोण से उपयुक्त थी। लेकिन अब दिशा बदलकर दक्षिण ओर कार्य करवाने से बरसात और घरेलू गंदे पानी के निकास में कठिनाई होगी तथा सड़क पर कचरा और गंदे पानी का जमाव बना रहेगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संवेदक स्थानीय मांगों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करते हुए अपनी सुविधा अनुसार कार्य करवा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर जनहित में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि नाली सड़क के बीचोबीच बने तो पानी का बहाव और निकासी दोनों सुचारू रूप से हो सकेगा। उन्होंने सांसद से आग्रह किया है कि कार्य को रोककर पुनः सही स्थान पर नाली निर्माण कराया जाए।

सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत सांसद महोदय तक पहुंचा दी गई है। सांसद ने विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

उधर, ग्रामीणों ने चितरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं अंचल अधिकारी (सीओ) को भी ज्ञापन सौंपा है। आवेदन में मोहम्मद सबी उल्लाह उर्फ शहजादा, देवाशीष चंद्रा, डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय, अख्तरी फातमा, आकाश कुमार, रूपेश पोद्दार, लूमी, सोनू पोद्दार, उमेश पोद्दार, मंगला देवी, मामोनी देवी, राजू कुमार, गौतम कुमार, धनंजय कुमार, मुकेश नायक, अशित पोद्दार, उज्जवल पोद्दार, मुकुल रजक समेत दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।