इंटर-ज़ोनल कराटे चैम्पियनशिप 2025 में झारखंड का परचम, 11 पदक जीतकर रचा नया कीर्तिमान

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रामगढ, झारखंड : नई दिल्ली स्थित टॉकाटोरा इनडोर स्टेडियम में आयोजित चौथे सर्वभारतीय इंटर-ज़ोनल कराटे चैम्पियनशिप 2025 में झारखंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक हासिल किए। प्रतियोगिता के पहले और दूसरे दिन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट कौशल का परिचय दिया और झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से स्थापित किया।

पहला दिन : दमदार आगाज़

पहले दिन झारखंड टीम ने स्थिर और प्रभावशाली शुरुआत की।

पदक प्राप्त खिलाड़ी :

शिवा यादव – स्वर्ण पदक

मंदाकिनी यादव – कांस्य पदक

प्रांजल कुमार – कांस्य पदक

दूसरा दिन : लगातार चमका झारखंड

दूसरे दिन खिलाड़ियों ने कई वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए और पदक अर्जित किए।

प्रमुख परिणाम :

सीनियर पुरुष टीम काता
(चंद्र प्रकाश उपाध्याय, प्रमोद यादव, मनीष कुमार) – रजत पदक

संध्या कुमारी (अंडर-21 महिला कुमिते -55 किलोग्राम) – रजत पदक

अंजली कुमारी (जूनियर महिला कुमिते +66 किलोग्राम) – रजत पदक

शिवा कुमारी (अंडर-21 महिला कुमिते -50 किलोग्राम) – कांस्य पदक

प्रमोद यादव (सीनियर पुरुष कुमिते -50 किलोग्राम) – कांस्य पदक

कुल पदक तालिका

स्वर्ण – 1

रजत – 6

कांस्य – 4

कुल पदक – 11

यह उपलब्धि झारखंड टीम के अब तक के सर्वोत्तम प्रदर्शनों में से एक मानी जा रही है।

कोच शिहान शशि पांडेय ने बताया  रामगढ़ का गौरव

शिहान शशि पांडेय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,
“यह जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं, पूरे रामगढ़ जिले की है। बच्चों ने अनुशासन, मेहनत और धैर्य के साथ खेला। इनका प्रदर्शन झारखंड की शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करता है।”

संस्था के पदाधिकारियों ने की सराहना

मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी सेंसई के.के. सिंह,
प्रधान हांशी मानस सिन्हा,
महामंत्री हेजाज असदाक़
ने संयुक्त बयान जारी कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा,
“खिलाड़ियों ने कठिन मुकाबलों में उत्कृष्ट खेलभावना दिखाते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। हमें इन खिलाड़ियों पर गर्व है।”

वरिष्ठ प्रशिक्षकों और अभिभावकों की शुभकामनाएँ

रेन्शी नरेंद्र सिन्हा, रणजीत मेहता, संजय सोनकर, सुमित कुमार,
राहुल पांडेय, पुष्पा पांडेय, रजनी,
बिनय रंजन, चंदन साहनी, कमल नायक सहित कई प्रशिक्षकों व अभिभावकों ने खिलाड़ियों को बधाई दी।

सभी ने खिलाड़ियों के अनुशासन, फिटनेस, खेलभावना और निरंतर मेहनत को झारखंड कराटे की मजबूती का आधार बताया।

झारखंड टीम की इस शानदार उपलब्धि ने राज्य को राष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा।