रामगढ़, झारखंड : पुलिस अधीक्षक अजय कुमार (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में एक विस्तृत अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारियों को उपस्थित रहते हुए वर्तमान अपराध स्थिति, लंबित मामलों की प्रगति और पुलिसिंग व्यवस्था की कमियों पर विस्तार से चर्चा की गई। एसपी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठक करें और कांड अनुसंधान में आने वाली किसी भी बाधा को दूर करने में अधीनस्थों को हर संभव सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सभी थानों में बरामद किए गए मोबाइल फोन को शीघ्रता से उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया जाए और थाने के प्रवेश तथा निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था प्राथमिकता से पूरी की जाए।
एसपी ने एंटी क्राइम चेकिंग को लगातार बदलते स्थानों पर जारी रखने, रक्षक ऐप के जरिए बिटवार क्यूआर कोड स्कैन करने तथा वाहन चेकिंग से जुड़े डेटा को समय पर अपडेट करने का निर्देश दिया। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त अफीम के निस्तारण, मालखाना में रखी लावारिस संपत्तियों के निष्पादन और गंभीर मामलों की मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रात्रि में किसी महिला, बच्चे या बुजुर्ग को अकेला पाए जाने पर उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना पुलिस की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने थानों में आम जनता के बैठने की व्यवस्था, प्येयजल, तथा उनके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने की भी बात कही।
बैठक के दौरान बिट पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए बिटवार पुलिस कर्मियों का पुनः बंटवारा करने, नकली देशी-विदेशी शराब के खिलाफ अभियान तेज करने, जेल से छूटे अपराधियों पर निगरानी प्रस्ताव समर्पित करने और चोरी, गृहभेदन, लूट, डकैती एवं साइबर धोखाधड़ी सहित सभी संवेदनशील मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। एसपी ने आदेश दिया कि थाना प्रभारी रोजाना मॉर्निंग मीटिंग कर लंबित मामलों का अपडेट प्राप्त करें और कांड दैनिकी समय से जमा करें। लंबित सम्मन, वारंट, कुर्की, पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन जैसे मामलों को भी शीघ्रता से निपटाने पर जोर दिया गया। पोक्सो और महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों को दो माह के भीतर निष्पादित करने तथा सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान पर भी दिशानिर्देश दिए गए।
एसपी ने यह स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण कांडों का प्रभार थाना प्रभारी स्वयं ग्रहण करेंगे और राज्य से बाहर के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यकतानुसार स्वीकृति प्राप्त कर कार्रवाई करेंगे। बैठक में सहायक पुलिस अधीक्षक-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातु, डीएसपी मुख्यालय, यातायात थाना प्रभारी, सभी थाना और ओपी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में मांडू (कुज्जू) थाना क्षेत्र में चोरी और गृहभेदन के कई मामलों का उद्भेदन कर कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सुसेवांक देकर सम्मानित किया गया।