पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने पत्रकार सम्मेलन कर लोहार टोला जमीन मामले में उपायुक्त को दिए पत्र की प्रति सार्वजनिक की, तथ्यों को छिपाने का लगाया गंभीर आरोप
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने पत्रकार सम्मेलन कर लोहार टोला जमीन मामले में उपायुक्त को दिए पत्र की प्रति सार्वजनिक की, तथ्यों को छिपाने का लगाया गंभीर आरोप
रामगढ़ कैंट, झारखंड : रामगढ़ जिले के पूर्व विधायक एवं झारखंड विधानसभा के पूर्व सदस्य शंकर चौधरी ने होलिका दहन जमीन को लेकर पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। पत्रकार सम्मेलन के दौरान उन्होंने अपने द्वारा उपायुक्त को दिए गए लिखित आवेदन की प्रति भी सार्वजनिक की और पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा।
श्री चौधरी ने लिखा है कि प्रकाशित समाचार के माध्यम से पता चला कि अनुमंडल पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लोहार टोला की खाता 130 प्लॉट संख्या 411 कुल रकबा 0.97 एकड़ ऑनलाइन पंजी दो के पेज संख्या 129 पर मयूरध्वज नारायण सिंह के नाम पर दर्ज है। उन्होंने आवेदन में लिखा गया है कि क्या ऑनलाइन पंजी दो में मयूरध्वज नारायण सिंह के अलावा किसी का नाम दर्ज नहीं है । पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने आवेदन में जानना चाहा है कि क्या ऑनलाइन में दयानंद मोदी, रूपन तेली तथा जगरनाथ शाही का नाम दर्ज नहीं है। उन्होंने लिखा है कि अंचलाधिकारी अपनी रिपोर्ट में अनुमंडल पदाधिकारी को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी द्वारा दिए गए आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रकरण में तथ्यों को छिपाने का अपराध किया गया है तथा सही तथ्यों पर पर्दा डालने का प्रयास हुआ है। आवेदन में उन्होंने आग्रह किया है कि ऐसे लोगों के विरुद्ध तथ्यों को छिपाने एवं सही तथ्यों पर पर्दा डालने के अपराध में कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की जानी चाहिए।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित पदाधिकारियों के सभी पावर को जब्त कर किसी अन्य सक्षम अधिकारी को उनका प्रभार दिया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से संपन्न हो सके।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अपने आवेदन में यह भी लिखा है कि उन्हें न केवल आशा बल्कि पूर्ण विश्वास है कि संपूर्ण घटनाक्रम की आप स्वयं जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने यह अनुरोध भी किया है कि की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें भी अवगत कराई जाए।
पत्रकार सम्मेलन में शंकर चौधरी ने कहा कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ है और वे प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्यायसंगत निर्णय नहीं आता, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।