गोला (रामगढ), झारखंड : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा नवचयनित कैडर अधिकारियों के लिए ग्राम स्तरीय प्रशासन, सरकारी योजनाओं और गैर-सरकारी संस्थाओं की भूमिका को समझने के उद्देश्य से ग्राम प्रवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 9 से 11 जनवरी 2026 तक रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत कोराम्बे पंचायत में संपन्न हुआ।
इस ग्राम प्रवास कार्यक्रम में कुल 13 जेपीएससी प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मेजबानी कोरम्बे पंचायत की मुखिया पूर्णिमा सिंह तथा ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRI) द्वारा की गई। डेढ़ दिन चले इस कार्यक्रम को लेकर गोला टीम एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे एक प्रेरणादायी और सीख से भरपूर अनुभव बताया।
ग्राम भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न सरकारी एवं सामुदायिक हस्तक्षेपों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। प्रशिक्षुओं ने एनक्यूएएस प्रमाणित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का दौरा किया तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के साथ संवाद कर ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को समझा। इस दौरान ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन द्वारा ‘नेबरहुड ऑफ केयर’ दृष्टिकोण से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
इसके पश्चात प्रशिक्षुओं ने कोरम्बे उच्च विद्यालय का भ्रमण किया, जहाँ स्मार्ट एवं डिजिटल कक्षाओं का अवलोकन किया गया। विद्यालय प्रबंधन के साथ संवाद के माध्यम से सर्व शिक्षा अभियान एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत समन्वय समिति (GPCC) की बैठक में भी प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। यहाँ PRI सदस्यों एवं ग्राम संगठन (VO) सदस्यों से VPRP-GPDP प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। मुखिया द्वारा बताया गया कि TRI के सहयोग से GPCC को अधिक संरचित स्वरूप मिला है, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों का ज्ञानवर्धन हुआ है।
प्रशिक्षुओं ने सोलर लिफ्ट इरिगेशन (SLI) परियोजना का भी निरीक्षण किया और जल उपभोक्ता समूह से बातचीत की। इस योजना से सीमांत किसानों की आय में वृद्धि तथा वर्ष भर खेती संभव होने की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत किए गए वृक्षारोपण एवं ड्रिप सिंचाई के माध्यम से अंतरफसली खेती का अवलोकन किया गया। संरक्षित संरचना (नेट हाउस) का दौरा कर प्रशिक्षुओं ने जाना कि किस प्रकार किसान कैप्सिकम, इंग्लिश खीरा एवं नर्सरी जैसे उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत चाड़ी पंचायत स्थित WOW हब का भी भ्रमण कराया गया, जहाँ प्रशिक्षुओं ने युवा एवं ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले नवाचारी प्रयासों को समझा। WOW हब द्वारा ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को विभिन्न उद्यमिता मार्ग चुनने में सहायता दी जा रही है।
इस ग्राम प्रवास के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों ने यह गहराई से समझा कि पंचायत, समुदाय और सरकारी संस्थाओं के समन्वय से जटिल सामाजिक समस्याओं का समाधान सहज रूप से संभव है। प्रतिभागियों ने माना कि विकास की प्रक्रिया ‘टॉप-डाउन’ के बजाय ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण से अधिक प्रभावी होती है। संरक्षित नेट हाउस एवं WOW हब जैसे नवाचारी मॉडल ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।