रामगढ़ फुटबॉल मैदान का नाम दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर करने की मांग ममता देवी ने की, जबकि बर्षों पूर्व से इस मैदान का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्रीड़ा स्थल है ।
रामगढ़, झारखंड : छावनी परिषद रामगढ़ की बैठक शुक्रवार को परिषद के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर साजेश बाबू पीजी ने की, जबकि संचालन मुख्य अधिशासी अधिकारी अनंत आकाश ने किया। बैठक में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक ममता देवी भी उपस्थित रहीं।
बैठक में पूर्व निर्धारित कुल 18 एजेंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान नवंबर एवं दिसंबर माह के आय-व्यय का लेखा-जोखा सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही परिषद के कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में भवन मालिकों के नाम परिवर्तन से संबंधित छह म्यूटेशन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा भवन निर्माण से जुड़े 30 नक्शों को विचार-विमर्श के बाद स्वीकृत किया गया, जबकि तीन नक्शों को समय-विस्तार प्रदान किया गया। छावनी परिषद के गेस्ट हाउस के मरम्मति (रिनोवेशन) कार्य को भी स्वीकृति दी गई।
एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सीएफसी फंड से 41 लाख रुपये की लागत से शहर की नालियों के मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही शहर के विभिन्न अन्य विकास कार्यों को भी बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक में परिषद के विभिन्न विभागों के कर्मचारी सहयोग के लिए उपस्थित रहे।
रामगढ़ फुटबॉल मैदान का नाम दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर करने की मांग की ममता देवी ने
बैठक के दौरान विधायक ममता देवी ने परिषद अध्यक्ष को शहर के विकास कार्यों एवं अन्य मांगों को लेकर दो ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से रामगढ़ फुटबॉल मैदान का नामकरण दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर करने की मांग की गई।
गौरतलब है कि वर्षों पूर्व छावनी परिषद की बैठक में रामगढ़ फुटबॉल मैदान का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्रीड़ा स्थल तथा नए बस स्टैंड का नाम भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल रखने का निर्णय लिया जा चुका है तथा दोनों स्थलों को इसी नाम से जाना जाता है । ऐसे में अब मैदान का नाम बदलने की मांग को लेकर शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसके अलावा विधायक ममता देवी ने छावनी परिषद चुनाव कराने, शहर में सीवरेज सिस्टम लागू करने, नालियों की नियमित एवं समुचित सफाई कराने तथा छावनी जनरल अस्पताल में महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।