रामगढ़, झारखंड : प्रदूषण व कैसरे हिंद जमीन लूट के विरोध में पूर्व विधायक शंकर चौधरी का अनोखा धरना

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एनडीसी के कक्ष में एनडीसी रविंद्र गुप्ता व शंकर चोधरी

रामगढ़, झारखंड : प्रदूषण और कैसरे हिंद जमीन की कथित लूट के विरोध में रामगढ़ (झारखंड) के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने शनिवार को जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय भवन की सीढ़ियों पर अकेले धरना देकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। बताया जा रहा है कि इस तरह का प्रदर्शन झारखंड में पहली बार देखने को मिला।

पूर्व विधायक को प्रशासन द्वारा दिया गया पत्र

पूर्व विधायक शंकर चौधरी जिस कुर्ता–पायजामा में धरना पर बैठे थे, उस पर अपनी मांगें लिखी हुई थीं। उनके वस्त्र पर “प्रदूषण रोको ”, “कैसरे हिंद जमीन की लूट बंद करो”, “जागो डीसी जागो”, “क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी चंदन कुमार को जेल भेजो” तथा “सीओ रमेश रविदास को जेल भेजो” जैसी मांगें अंकित थीं।

पूर्व विधायक के साथ समाहरणालय पहुंचे उनके समर्थक

श्री चौधरी अपने समर्थकों के साथ रामगढ़ जिला समाहरणालय परिसर पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने धरना समाहरणालय की सीढ़ियों पर अकेले दिया। वे लगभग दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे।

इसके बाद एनडीसी सह गोपनीय प्रभारी रविंद्र गुप्ता धरना स्थल पर पहुंचे और पूर्व विधायक के साथ जमीन पर बैठकर उनसे बातचीत की। उन्हें बताया गया कि उपायुक्त राज्य निर्वाचन पदाधिकारी की बैठक में गए हुए हैं तथा फिलहाल झारखंड में आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसके कारण धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

इसके पश्चात श्री गुप्ता पूर्व विधायक शंकर चौधरी को अपने कक्ष में ले गए, जहां उनसे विस्तृत वार्ता हुई। इस दौरान श्री चौधरी ने बिहार फाउंड्री सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण तथा रामगढ़ जिले के लोहार टोला क्षेत्र में कई एकड़ कैसरे हिंद जमीन की कथित लूट का मामला रखा।

एनडीसी सह गोपनीय प्रभारी रविंद्र गुप्ता ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद इन मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में एक विभागीय पत्र रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को जारी किया है, जिसमें पूर्व विधायक द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में प्रदूषण और कैसरे हिंद जमीन मामले की जांच कर उपायुक्त को प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है।

धरना समाप्त करने के बाद पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा कि दोनों मामलों में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक महीने तक वे कार्रवाई का इंतजार करेंगे, इसके बाद पुनः इन्हीं मांगों को लेकर धरना दिया जाएगा। शंकर चौधरी के साथ प्रकाश मिश्रा, रविंद्र शर्मा, दिलीप सिंह, चरण केवट, सुनील महतो, अभय सिंह, भगवान साव, कमलनाथ महतो, लक्ष्मी देवी सहित अन्य लोग समाहरणालय पहुंचे थे ।