पतरातू में पीटीपीएस की हस्तांतरित भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज, चला बुलडोज़र 

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जुटे लोगों को हटाते पुलिस कर्मी

पतरातू (रामगढ़), झारखंड : रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। यह कार्रवाई पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (पीटीपीएस) की उस भूमि पर की जा रही है, जिसे औद्योगिक विकास के लिए झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा), रांची को हस्तांतरित किया गया है।

प्रशासन के अनुसार मौजा हेसला, उचरिंगा एवं कटिया क्षेत्र में स्थित उक्त भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा बना हुआ था। कई लोग पीटीपीएस के पुराने एवं जर्जर क्वार्टरों में रह रहे थे, जिससे प्रस्तावित औद्योगिक विकास कार्य प्रभावित हो रहा था। इसी कारण अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

चलता बुलडोजर

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई में आई तेजी

इस प्रकरण में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को परिसर खाली कराने की अनुमति मिली है। न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में 12 फरवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

गुरुवार सुबह लगभग 9 बजे से पटेल चौक, जनता नगर, मां शीतला मंदिर क्षेत्र (टाइप-2, जनता नगर), जल शोध प्रतिष्ठान परिसर तथा बिरसा मार्केट स्थित दुर्गा पूजा स्थल सहित कई चिन्हित स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से अतिक्रमण हटाया गया।

लोगों को समझाते एसडीओ अनुराग तिवारी

भारी पुलिस बल की रही तैनाती

अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी। मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी की गई, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके।

अभियान के दौरान रामगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग तिवारी, एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, पतरातू थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता, भुरकुंडा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह, बसल ओपी प्रभारी कैलाश कुमार, बरकाकाना ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा तथा भदानीनगर थाना प्रभारी अख्तर अली सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

स्वेच्छा से खाली करने की अपील

प्रशासन ने संबंधित क्वार्टरों और भवनों में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से स्थल खाली करें। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई औद्योगिक विकास एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी एवं हस्तांतरित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।