रामगढ़ (झारखंड) : विधानसभा निवेदन समिति का दौरा, जनसमस्याओं पर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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रामगढ़ (झारखंड) : झारखंड विधानसभा की माननीय निवेदन समिति ने जिले का दौरा कर विभिन्न जनसमस्याओं की समीक्षा की। इस दौरान रामगढ़ परिसदन में समिति के सभापति उमाकांत रजक, सदस्य नागेंद्र महतो और निर्मल महतो की मौजूदगी में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए। समिति ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त जन-समस्याओं और विधायकों द्वारा दिए गए निवेदनों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

औद्योगिक प्रदूषण और विस्थापन का मुद्दा

बैठक में सदस्य Shweta Singh द्वारा मांडू विधानसभा क्षेत्र में टाटा स्टील (घाटो), सीसीएल (कुजू, अरगड़ा), जिंदल, आलोक स्टील, छिन्नमस्तिका, श्रीराम और झारखंड इस्पात जैसी कंपनियों से हो रहे प्रदूषण का मामला उठाया गया। साथ ही विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग की गई।

वन भूमि पर अतिक्रमण और भ्रष्टाचार

सदस्य निर्मल महतो ने मांडू अंचल के राउता मौजा में वन भूमि पर अवैध रूप से संचालित उद्योगों का मुद्दा उठाया। खाता संख्या 29 के विभिन्न प्लॉटों पर अतिक्रमण की जांच की मांग की गई। वहीं सोनडीहा पंचायत में 5.07 एकड़ गैर-मजरूआ खास जंगल भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे और ग्रामीणों पर दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता
रामगढ़ जिला स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर समिति ने चिंता जताई। पिछले चार वर्षों से एक ही एजेंसी को कार्य विस्तार दिए जाने और कर्मियों को 8-9 माह से वेतन नहीं मिलने के मामले में पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया।

सड़क और बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं

कुजू नया मोड़ से गिद्दी दामोदर पुल तक 24 किलोमीटर जर्जर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग उठी, जो वर्षों से लंबित है। इसके अलावा गोला प्रखंड के संग्रामपुर से सुथरपूर सड़क के जीर्णोद्धार पर भी चर्चा हुई।
मांडू प्रखंड के हथमारा में स्वीकृत 132/33 केवी ग्रिड और टावर लाइन का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया गया।

समिति का सख्त रुख

निवेदन समिति ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और लंबित योजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस दौरे के बाद जिले में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।