रामगढ़ (झारखंड) के चुटूपालू घाटी में बढ़ते हादसों पर चेतावनी, 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन : धनंजय पुटूस

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रामगढ़ (झारखंड) : जिला स्थित चुटूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और बढ़ती मौतों की घटनाओं ने क्षेत्र में गहरी चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह घाटी अब “मौत की घाटी” के नाम से जानी जाने लगी है।

इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति (RBSS) के केंद्रीय अध्यक्ष धनंजय कुमार पुटूस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि चुटूपालू घाटी में लगातार हो रही दुर्घटनाएं सुरक्षा उपायों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं।

धनंजय पुटूस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति जनहित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत हस्ताक्षर अभियान, धरना, प्रदर्शन समेत अन्य लोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

स्थानीय लोगों ने भी घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल और नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।