रामगढ़ (झारखंड) : मां छिन्नमस्तिका मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
सुबह मंगल आरती के बाद से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। दिन चढ़ने के साथ तेज धूप और गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। अतिक्रमण हटने के बाद मंदिर परिसर का स्वरूप काफी बदल गया है, जिससे श्रद्धालुओं को पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझे श्रद्धालु
पहले मंदिर के आसपास मौजूद दुकानों और होटलों से श्रद्धालुओं को भोजन और पानी आसानी से मिल जाता था। लेकिन अब अतिक्रमण हटने के बाद कई लोग पानी और खाने के लिए भटकते नजर आए। हालांकि मंदिर प्रबंधन की ओर से सीमित स्तर पर पानी की व्यवस्था की गई है।
बिजली बाधित, रास्तों पर फैला मलबा
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, जिससे गर्मी में लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर मलबा और टूटे सामान बिखरे होने के कारण आवागमन भी प्रभावित रहा।
रोजगार पर भी पड़ा असर
इस कार्रवाई का असर सिर्फ दुकानदारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वहां काम करने वाले मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। कई लोगों ने रोजगार छिनने की चिंता जताई और भविष्य को लेकर अनिश्चितता व्यक्त की।
नदी किनारे तक हटाया जा रहा अतिक्रमण
प्रशासन के अनुसार भैरवी नदी के किनारे तक फैले अतिक्रमण को हटाने का काम जारी है। पहले दिन सैकड़ों दुकानों को हटाया गया था और अब शेष मलबे को साफ करने की प्रक्रिया चल रही है।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा, हालांकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।