रामगढ़ (झारखंड) :ऋतुराज की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय वाटर टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गर्मी के मौसम के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा राज्य सरकार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष जलापूर्ति शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई।
2 मई से 15 मई तक चल रहे हैं विशेष शिविर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने 2 मई से 15 मई 2026 तक आयोजित विशेष जलापूर्ति शिविरों के तहत विभिन्न प्रखंडों में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से आयोजित शिविरों, प्राप्त शिकायतों, उनके समाधान तथा आम लोगों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शिविरों के दौरान प्राप्त समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
अब तक 365 जलापूर्ति योजनाओं की हुई मरम्मत
बैठक में बताया गया कि जिले में आयोजित विशेष शिविरों के माध्यम से अब तक कुल 365 जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत सुनिश्चित की गई है। इनमें शामिल हैं:
290 चापानल
71 जल मीनार
1 पानी टैंकर
3 अन्य जलापूर्ति योजनाएं
इस प्रगति पर उपायुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में और अधिक तेजी लाने की आवश्यकता है।
अधिकारियों को स्वयं शिविरों में शामिल होने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बुधवार को आयोजित शिविरों में स्वयं उपस्थित रहें और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्षेत्र भ्रमण कर करें योजनाओं की निगरानी
बैठक के दौरान अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति का निरीक्षण करने तथा खराब पड़े चापानलों और जल मीनारों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि आम जनता को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला स्तरीय संबंधित पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।