जमशेदपुर, झारखंड : वर्ष 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय और मुआवजा दिलाने की दिशा में गठित एक सदस्यीय आयोग ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त आयोग के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को पुराने हाई कोर्ट परिसर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सह याचिकाकर्ता सतनाम सिंह गंभीर तथा सलाहकार अमरजीत सिंह भामरा विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान रांची, बोकारो, डालटनगंज, सरायकेला और धनबाद, Jharkhand से पहुंचे दंगा पीड़ित परिवारों ने अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। बैठक में सतनाम सिंह गंभीर ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला स्तर पर बैठक आयोजित करने की मांग की, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया।
अब आयोग राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर उन पीड़ित परिवारों की पहचान करेगा जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जाएगी ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
आयोग की इस पहल से लंबे समय से न्याय और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे सिख दंगा पीड़ित परिवारों में उम्मीद जगी है।