रजरप्पा मंदिर के समग्र विकास और वित्तीय पारदर्शिता पर प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने दिए कई निर्देश

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रजरप्पा पर्यटन विकास प्राधिकार की समीक्षा बैठक में दान प्रबंधन, QR कोड और बैंक खातों की व्यवस्था पर हुई विस्तृत चर्चा

रामगढ़, झारखंड : जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में रजरप्पा पर्यटन विकास प्राधिकार की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा के समग्र विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार तथा मंदिर न्यास समिति की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक का आयोजन झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान मंदिर न्यास समिति के विस्तार, बैंक खातों से राशि की निकासी एवं व्यय से संबंधित उपविधियों (By-Laws), नियमों, विनियमों, संकल्पों तथा अन्य प्रासंगिक प्रावधानों पर समिति के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।

QR कोड और दान राशि के प्रबंधन पर विशेष चर्चा

बैठक में मंदिर परिसर में लगाए गए QR कोड से संबंधित वित्तीय व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने चर्चा की कि ये QR कोड किस बैंक खाते से जुड़े हैं, इनके माध्यम से प्राप्त राशि किस खाते में जमा हो रही है तथा दान की राशि के प्रबंधन की प्रक्रिया क्या है।

इसके अलावा मंदिर में स्थापित दान-पात्रों से प्राप्त राशि के संग्रहण, पारदर्शी तरीके से गणना, बैंक खाते में जमा करने तथा इसके बाद राशि की निकासी और व्यय से संबंधित निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा मंदिर प्रबंधन में वित्तीय पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं मंदिर न्यास समिति को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मंदिर के समग्र विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।

बैठक में जिला क्रीड़ा पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी, रामगढ़, मंदिर न्यास समिति (पंडा समाज) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।