तीन सरकारी स्कूलों में उपायुक्त का औचक निरीक्षण, कक्षा में शिक्षक बनकर परखी विद्यार्थियों की दक्षता

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प्रोजेक्ट इंपैक्ट, रेल परियोजना, MDM और पंजियों में मिली त्रुटियों पर शो-कॉज; 10 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश

रामगढ़, झारखंड : जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री ऋतुराज ने जिले के तीन राजकीय विद्यालयों का विस्तृत औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनखेता (हरे टोला), राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोहाकातू एवं राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय छत्तरमांडू का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सीधे कक्षाओं में पहुंचे और स्वयं शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने डिजिटल बोर्ड एवं ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न प्रश्न विद्यार्थियों से पूछे और उनकी पठन क्षमता, विषय की समझ तथा शैक्षणिक दक्षता का आकलन किया।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन बनाए रखने और पूरी लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करें और शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्मार्ट क्लास, खेलकूद और गार्डनिंग का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लास की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल शिक्षण का लाभ सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिलना चाहिए।

उन्होंने विद्यालय परिसर में उपलब्ध खेल सुविधाओं, खेल परिसर, गार्डनिंग एवं पौधरोपण का भी जायजा लिया। उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं। विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से बागवानी एवं पौधरोपण गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया।

MDM और स्कूल रिकॉर्ड की भी हुई जांच

उपायुक्त ने विद्यालयों में बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्यार्थियों को प्रतिदिन ताजा, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में उपस्थिति एवं अन्य प्रशासनिक पंजियों के संधारण में त्रुटियां पाई गईं। वहीं रेल परियोजना और प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत परीक्षाओं के संचालन एवं विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी कमियां सामने आईं। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रभारी शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।

10 दिनों में सभी कमियां दूर करने का निर्देश

उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अभय कुमार को विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर में आवश्यक सुधार कराने, पंजियों में पाई गई त्रुटियों का निराकरण कराने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि पाठ्यक्रम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन तय समय पर सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी कमियों का 10 दिनों के भीतर निराकरण कर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की दक्षता और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की ओर से नियमित रूप से निरीक्षण एवं समीक्षा की जाएगी।