रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त, रामगढ़ श्री ऋतुराज के निर्देश पर शनिवार को अनुमंडल कार्यालय, रामगढ़ के सभागार में जिले में संचालित उद्योगों एवं कारखानों में श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक सुरक्षा मानकों और स्थानीय श्रमिकों के कल्याण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी श्री कृष्ण मुरारी तिर्की ने की।
बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र रामगढ़, श्रम अधीक्षक रामगढ़, कारखाना निरीक्षक रामगढ़, जिला अग्निशमन पदाधिकारी सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधक एवं संचालक उपस्थित रहे।
सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक के दौरान एसडीओ श्री कृष्ण मुरारी तिर्की ने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों एवं निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से पालन कराने तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों में Safety Regulations, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
प्रदूषण नियंत्रण और श्रमिक कल्याण पर जोर
एसडीओ ने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय श्रमिकों के हित एवं कल्याण से जुड़े आवश्यक प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकार एवं कल्याण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपने अद्यतन दस्तावेज एवं अभिलेख व्यवस्थित रखें।
नियमित निरीक्षण और उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने स्तर से औद्योगिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। नियमों एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
एसडीओ ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करने तथा श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।