सेवानिवृत्त शिक्षकों ने शिक्षा और संस्कार के प्रसार का लिया संकल्प
रामगढ़ कैंट, झारखंड : झारखंड पेंशनर कल्याण समाज, जिला रामगढ़ के जिला कार्यालय, पुराना अनुमंडल परिसर में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत पेंशनरों द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति होने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महामनीषी, अध्येता, समाज सुधारक और महान दार्शनिक थे। उन्होंने अपने लेखों और भाषणों के माध्यम से पूरी दुनिया को भारतीय दर्शन से परिचित कराया।
उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने वेदों और उपनिषदों का गहन अध्ययन किया तथा भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को विश्व के सामने रखा। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति धर्म, ज्ञान और संस्कृति पर आधारित है और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना इसकी प्रमुख विशेषता है।
जिला अध्यक्ष ने डॉ. राधाकृष्णन के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अपने सफल शैक्षणिक जीवन के बाद उन्होंने अपेक्षाकृत देर से राजनीति में प्रवेश किया। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें सर्वसम्मति से संविधान सभा का सदस्य बनाया। वर्ष 1949 में नेहरू ने उन्हें रूस में भारत का राजदूत नियुक्त किया। उन्होंने एक सफल राजदूत के रूप में भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक भले ही आज विद्यालय की चौक-डस्टर और कक्षा-कक्ष से औपचारिक रूप से दूर हैं, लेकिन शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी से शिक्षा और संस्कार के प्रसार के लिए निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को उपाध्यक्ष वृंदावन सिंह, सचिव छोटू लाल मोदी, संरक्षक बलराम सिंह, महावीर दास एवं बसंत कुमार ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने डॉ. राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षक दिवस की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
समारोह में अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह, उपाध्यक्ष वृंदावन सिंह, सचिव छोटू लाल मोदी, संरक्षक बलराम सिंह, शिव शंकर मोदी, दिलीप साहा, तुला राम महतो, देवशरण महतो, रामप्रसाद महतो, महावीर राम दास, सुधीर किशोर तिवारी, बसंत कुमार, सरजू प्रसाद, पन्ना लाल राम, सत्येंद्र प्रसाद, सरजू गहलोत, जवाहर लाल महतो, बैजनाथ राम सहित समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में दिलीप साहा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।